पंचायती राज व्यवस्था एवं शहरी स्थानीय स्वशासन

पंचायती राज व्यवस्था की प्रश्नोत्तरी को हल करने के लिए नीचे दिए गए Start Quiz बटन पर क्लिक करें

  • प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का है
  • सभी प्रश्न करने अनिवार्य है
  • कोई समय सीमा नहीं है
  • प्रश्नावली में कोई त्रुटि होने पर उसकी सूचना  हमें कमेंट बॉक्स मैं लिख कर बता सकते हैं
  • पुनः हल करते समय आपको अलग प्रश्न मिलेंगे
  • आप अपनी क्यूरी को व्हाट्सएप के माध्यम से भी बता सकते हैं
स्थानीय स्वशासन संविधान की किस सूची का विषय है?
पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव कराने का दायित्व किसका है?
निम्न में से असंगत युग में कौन सा है?
वैदिक काल में ग्राम प्रमुख को क्या कहते थे?
ग्राम सभा की अध्यक्षता कौन करता है?
भारत में स्थानीय स्वशासन का जनक सही अर्थों में किसे कहा जाता है?
'राइट टू रिकॉल' क्या है?
पंचायती राज का प्रधान लक्ष्य क्या है?
भारतीय संविधान की कौन सी अनुसूची पंचायतों की शक्तियों से संबंधित है?
पंचायती राज अधिनियम के अनुसार पंच, उपसरपंच -सरपंच अपना त्यागपत्र किसको सौंपते हैं?
राजस्थान में शहरी स्वशासन निकाय के अध्यक्ष पदों पर महिलाओं हेतु कितने प्रतिशत पद आरक्षित है?
निम्न में से कौन-सा कर स्थानीय स्वशासन संस्थाएं नहीं लगा सकती?
किस तिथि से राजस्थान पंचायती राज अधिनियम-1994 संपूर्ण राज्य में लागू हुआ?
भारत में पंचायती राज के प्रारंभ करने वाले राज्यों में राजस्थान का कौनसा स्थान है?
राजस्थान में नगर निगम के अध्यक्ष (महापौर) का चुनाव किसके द्वारा किया जाता है
Complete the form below to see results
पंचायती राज
You got {{userScore}} out of {{maxScore}} correct
{{title}}
{{image}}
{{content}}

पंचायती राज व्यवस्था राजस्थान में पंचायती राज व्यवस्था और त्रिस्तरीय पंचायती राज से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न एवं उत्तर, यहां इस से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्नों को व्याख्या सहित उल्लेखित किया जा रहा है, राजस्थान के होने वाले सभी प्रकार के प्रतियोगिता परीक्षाओं में पूछे जाने योग्य प्रश्नों को सम्मिलित किया गया है

Question- वैदिक काल से वर्तमान तक ग्राम पंचायत को किन किन नामों से जाना जाता रहा है?

भारत में स्थानीय शासन प्राचीन काल से ही रहा है वैदिक काल से ही हमें पंचायतों के अस्तित्व का उल्लेख मिलता है उस समय ग्राम का प्रमुख ग्रामीण होता था अर्थात वेद में ग्रामीण शब्द का उल्लेख मिलता है उस समय सभा और समिति का उल्लेख मिलता है जो स्थानीय पंचायत और केंद्रीय सभा का कार्य करती थी

कालशासन की इकाईमुखिया/ प्रमुख
वैदिक कालग्राम ग्रामणि
बौद्ध कालग्रामसभाग्रामयोजक
मुगलकाल गांव मुकद्दम या चौधरी
मौर्य शासन ग्राम सभा ग्रामीक

Question- स्थानीय स्वशासन का पिता किसे कहा जाता है?

वायसराय लार्ड रिपन को देश में स्थानीय स्वशासन का पिता कहा जाता है- (आधुनिक भारत में निर्वाचित एवं जनता के प्रति जवाबदेह स्वायत शासन व्यवस्था का प्रथम बीजारोपण ब्रिटिश शासन काल में सन 1667 में मद्रास नगर परिषद में हुआ, गवर्नर जनरल और वायसराय लार्ड रिपन (1880-1884) ने सर्वप्रथम 1882 ई. में जिला बोर्ड ग्राम पंचायत एवं न्याय पंचायत का प्रस्ताव कर देश में स्थानीय स्वशासन की बुनियाद रखी


Question- राजस्थान में सर्वप्रथम ग्राम पंचायतों को वैधानिक दर्जा किसे और कब मिला?

राजस्थान में बीकानेर पहली देसी रियासत थी जहां 1928 में ग्राम पंचायत अधिनियम पारित कर ग्राम पंचायतों को वैधानिक दर्जा दिया गया

  • जयपुर रियासत 1938 में
  • सिरोही 1946 में
  • भरतपुर 1944 में
  • करौली 1949 ग्राम पंचायत अधिनियम लागू किया गया था

बलवंत राय मेहता समिति, जनवरी 1957

  • 24 नवंबर 1957 को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की
  • सत्ता के विकेंद्रीकरण पर बल दिया
  • त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था की स्थापना की सिफारिश की गई
  • इन सिफारिश को क्रियान्वयन 2 अक्टूबर 1959
  • सर्वप्रथम राजस्थान में नागौर जिले के बगदरी गांव में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा
  • इस समय राजस्थान के मुख्यमंत्री स्व. श्री मोहनलाल सुखाड़िया लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण के प्रबल समर्थक थे
  • राजस्थान के बाद 11 अक्टूबर 1959 को आंध्र प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था लागू की गई

Question- त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था क्या है? बलवंत राय मेहता समिति के अनुसार

स्तरराजव्यवस्था
ग्रामस्तर ग्राम पंचायत
ब्लॉक स्तर पंचायत समितियां
जिला स्तर जिला परिषदे

अन्य समितियां

  • सादिक अली अध्ययन दल-1964
  • अध्ययन दल तथा समितियां-1960-1964
  • गिरधारी लाल व्यास समिति- 1973
  • अशोक मेहता समिति- दिसंबर 1977
  • जी.वी.के राव समिति- 1985
  • सिंघवी समिति-1986

पंचायत राज पर अध्ययन दल एवं समितियां

क्र.सं.वर्षअध्ययन दल/समितिअध्यक्ष
11960 पंचायत-सांख्यिकी के यांत्रिकरण पर गठित समितिबी. आर. राव
21961 पंचायत एवं सहकारी समितियों पर गठित कार्य दलएस. बी. मिश्रा
31961पंचायती-राज प्रशासन पर अध्ययन दलबी. ईश्वरन्
41962 न्याय पंचायतों पर अध्ययन दल जी आर राजगोपाल
51963 पंचायती राज आंदोलन में ग्राम सभा की स्थिति पर अध्ययनआर आर दिवाकर
619 63 पंचायत राज संस्थाओं की बजट एवं लेखा प्रक्रिया पर अध्ययन दलएम. रामाकृष्णैय्या
71963 पंचायतीराज वित पर अध्ययन दलके. संथानम
81965पंचायती राज चुनाव पर गठित समिति के. संथानम
91966 निकायों के अंकेक्षण एवं लेखा पर गठित अध्ययन दलआर. के. खन्ना
101966 पंचायती राज प्रशिक्षण केंद्रों पर गठित समितिजी. रामाचंद्रन
111969मूलभूत भूमि सुधार उपायों के कार्यान्वयन में सामुदायिक विकास एजेंसियों तथा पंचायती राज संस्थाओं की क्षमता पर गठित अध्ययन दलवी. रामनाथन
12 1972सामुदायिक विकास एवं पंचायती राज पर पांचवी पंचवर्षीय योजना के सूत्रण के लिए गठित कार्यदल एम. रामाकृष्णैय्या
131976 सामुदायिक-विकास एवं पंचायती राज पर गठित समिति श्रीमती दया चौबे

त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था की संरचना

नीचे दिए गए टेबल के माध्यम से हम त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था को आसानी से समझ सकते हैं-

विवरणग्रामीण स्तर
ग्राम पंचायत
खंड स्तर
पंचायत समिति
जिला-स्तर
जिला परिषद
प्रतिनिधिसरपंच, उप-सरपंच, पंच प्रधान, उप-प्रधान, पंचायत समिति सदस्य(CR)जिला प्रमुख, उप-जिला प्रमुख, जि. प. सदस्य(DR)
पदेन सदस्य1.पंचायतों के सभी सरपंच
2.विधानसभा सदस्य
1.जिले के सभी प्रधान
2.सांसद, राज्यसभा और लोकसभा तथा जिले के सभी विधायक
निर्वाचनसरपंच- प्रत्यक्ष
उपसरपंच- अप्रत्यक्ष
पंच- प्रत्यक्ष
प्रधान-अप्रत्यक्ष
उप प्रधान-अप्रत्यक्ष
पं. स. सदस्य-प्रत्यक्ष
जिला प्रमुख-अप्रत्यक्ष
उप जिला प्रमुख-अप्रत्यक्ष
जिला परिषद सदस्य-प्रत्यक्ष
प्रत्याशी की आयु 21 वर्ष 21वर्ष 21 वर्ष
निर्वाचित सदस्य संख्या9
(3000 से अधिक जनसंख्या होने पर प्रति 1000 पर दो अतिरिक्त सदस्य)
15
(एक लाख से अधिक जनसंख्या होने पर प्रति 15000 पर दो अतिरिक्त सदस्य)
17
(चार लाख से अधिक जनसंख्या होने पर प्रति एक लाख पर 2 अतिरिक्त सदस्य)
इस्तीफापंच, उपसरपंच तथा सरपंच खंड विकास अधिकारी (B.D.O)पं. स. सदस्य तथा उप प्रधान, प्रधान को, जिला प्रमुखजिला प्र. सदस्य तथा उप जिला प्रमुख, जिला प्रमुख, जिला-प्रमुख संभागीय आयुक्त को
सरकारी पदाधिकारीग्राम सेवक एवं पदेन सचिवखंड विकास अधिकारी (B.D.O) मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO)
गणपूर्ति1/31 / 31/3
कार्य/ विषयसफाई, पेयजल, स्वास्थ्य, जन्म- मृत्यु का पंजीकरण, मेले, उत्सव, मनोरंजन, ग्रामीण आवास एवं विद्युतीकरणप्रारंभिक शिक्षा, सड़कें व पुलो का निर्माण व रखरखावग्राम पंचायत व पंचायत समितियों के बीच समन्वय|
ग्राम पंचायतों व राज्य सरकार के बीच की नियोजक कड़ी|
पंचायत समिति की देखरेख तथा विकास कार्यक्रमों की क्रियान्विती

Question- पंचायत से संबंधित अनुच्छेद भाग-9 (पंचायतें)

  • 243 -परिभाषाएं
  • 243क -ग्राम सभा
  • 243ख -पंचायतों का गठन
  • 243ग-पंचायतों की संरचना
  • 243 घ -स्थानों का आरक्षण
  • 243ड -पंचायतों की अवधि, आदि
  • 243च -सदस्यता के लिए निरर्हताएं
  • 243 छ -पंचायतों की शक्तियां, प्राधिकार और उत्तरदायित्व
  • 243ज -पंचायतों द्वारा कर अधिरोपित करने की शक्तियां और उनकी निधियां
  • 243झ -वित्तीय स्थिति के पुनर्विलोकन के लिए वित्त आयोग का गठन
  • 243ञ -पंचायतों के लेखाओं की संपरीक्षा
  • 243ट -पंचायतों के लिए निर्वाचन
  • 243ठ -संघ राज्य क्षेत्रों को लागू होना
  • 243 ड -इस भाग का कतिपय क्षेत्रों को लागू न होना
  • 243ढ -विद्यमान विधियों और पंचायतों का बना रहना
  • 243ण -निर्वाचन संबंधी मामलों में न्यायालयों के हस्तक्षेप का वर्जन

More Topics for REET Exam or Other Exams


About

You may also like...

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
2 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments