कंप्यूटर परिचय

कंप्यूटर का परिचय प्रश्नोत्तरी- इस प्रश्नोत्तरी में कंप्यूटर का परिचय संबंधित प्रतियोगिता परीक्षाओं में पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्नों को शामिल किया गया है

  • प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का है
  • सभी प्रश्न करने अनिवार्य है
  • सभी प्रश्नों को हल किए बिना आप परिणाम नहीं देख सकेंगे
  • कोई समय सीमा नहीं है
  • प्रश्नावली में कोई त्रुटि होने पर उसकी सूचना  हमें कमेंट बॉक्स मैं लिख कर बता सकते हैं
  • ऐसे ही प्रश्नावली आप जिस अध्याय(topic) के लिए चाहते हैं उसे हमें कमेंट बॉक्स  मैं लिखकर बता सकते हैं
निम्न में से कौन सा एक एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर नहीं है?
निम्नलिखित में से कौन सा कंप्यूटर हार्डवेयर को चलाता है और अन्य सॉफ्टवेयर चलाने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है?
एक आउटपुट डिवाइस का एक उदाहरण है-
निम्न में से कौन से कंप्यूटर सिस्टम की एक सीमा है?
कौन सा कंप्यूटर वर्गीकरण नहीं है?
सबसे तेज कंप्यूटर कौन सा है?
पहली जनरेशन के कंप्यूटर का मुख्य कंपोनेंट था?
दूसरी जनरेशन कंप्यूटर कब विकसित किया गया था?
माइक्रो प्रोसेसर कौन सी जनरेशन में पेश किया गया था?
निम्न में से कौनसा कंप्यूटर का प्रकार है-
सबसे शक्तिशाली कंप्यूटर जो बड़ी खोज और वैज्ञानिक उपयोग के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं-
सुपर कंप्यूटर को कब बनाया गया था
1996 मे बनाए गए सुपर कंप्यूटर का क्या नाम था?
सुपर कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है?
अमेरिका का प्रसिद्ध सुपर कंप्यूटर है?
भारत का प्रसिद्ध सुपरकंप्यूटर है?
जापान का प्रसिद्ध सुपर कंप्यूटर है
सिस्टम सॉफ्टवेयर के महत्वपूर्ण घटक है-
इंटरनेट एक्सप्लोरर, मोज़िला फायरफॉक्स, गूगल क्रोम एवं सफारी उदाहरण है?
रो फैक्टस जैसे लेटर्स, वर्ड्स एवं ध्वनि को क्या कहा जाता है
आउटपुट डिवाइस का एक उदाहरण है-
निम्नलिखित में से कंप्यूटर की विशेषता नहीं है
चतुर्थ पीढ़ी के कंप्यूटर में निम्न में से किसका प्रयोग किया गया था?
प्रथम माइक्रोप्रोसेसर चिप का विकास किसके द्वारा किया गया था?
निम्न में से कौन सा सिस्टम सॉफ्टवेयर है?
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कंप्यूटर का परिचय
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कंप्यूटर क्या है (कंप्यूटर परिचय)

  • यह केवल एक स्वचालित इलेक्ट्रॉनिक मशीन है। यह अंग्रेजी शब्द कम्प्यूटर (Computer) से बना है जिसका अर्थ गणना करना है। हिन्दी में इसे संगणक कहते है। इसका उपयोग बहुत सारे सूचनाओं को प्रोसेस करने तथा इकट्ठा करने के लिए होता है।
  • कम्प्यूटर एक यंत्र है जो डेटा ग्रहण करता है व सॉफ्टवेयर या प्रोग्राम के अनुसार किसी परिणाम के लिए प्रोसेस करता है।

कम्प्यूटर संबंधित प्रारम्भिक शब्द :

1. डेटा :– यह अव्यवस्थित आँकड़ा या तथ्य है। यह प्रोसेस के पहले की अवस्था है। साधारणतः डेटा को दो भागों में विभाजित करते है

(a) संख्यात्मक डेटा :-0 से 9 तक के अंकों का प्रयोग।

(b) अल्फान्यूमेरिक डेटा अंकों, अक्षरों तथा चिन्हों का प्रयोग किया जाता है। जैसे – पता आदि।

2. सूचना :- यह अव्यवस्थित डेटा को प्रोससे करने के बाद प्राप्त परिणाम है जो व्यवस्थित होता है।

कम्प्यूटर की विशेषताएँ (कंप्यूटर परिचय)

  1. तीव्र गति से कार्य करता है अर्थात् समय की बचत होती है।
  2. यह त्रुटि रहित कार्य करता है।
  3. स्थायी तथा विशाल भंडारण क्षमता की सुविधा देता है।
  4. यह पूर्व निर्धारित निर्देशों (Predefined instructions) के अनुसार तीव्र निर्णय लेने में सक्षम है।

कम्प्यूटर के उपयोग :-

  1. शिक्षा (Education) के क्षेत्र में ।
  2. वैज्ञानिक अनुसंधान (Scientific Research ) में ।
  3. रेलवे तथा वायुवान आरक्षण में।
  4. बैंक में।
  5. चिकित्सा विज्ञान (Medical science)
  6. रक्षा ( Defense के क्षेत्र में
  7. प्रकाशन (Publication) में
  8. व्यापार (Business) में
  9. संचार (Communication) में
  10. प्रशासन (Administration) में
  11. मनोरंजन (Entertainment) में

कम्प्यूटर के कार्य :

  1. डेटा संकलन (Data Collection)
  2. Data संचयन (Data Storage)
  3. डेटा संसाधन (Data Processing)
  4. Data निर्माण (Data Output)

डेटा प्रोसेसिंग और इलेक्ट्रॉनिक डेटा प्रोसेसिंग (Data Process- ing & Electronic data processing): Data का संकलन, संचयन संसाधन और निर्माण हस्तचालित विधि से होता था, जिसे डेटा प्रोसेसिंग कहते है।

इन सभी कार्यों के लिए कम्प्यूटर का उपयोग होने लगा। इसे इलेक्ट्रॉनिक डेटा प्रोसेसिंग कहते है।

डेटा प्रोसेसिंग का मुख्य लक्ष्य अव्यवस्थित डेटा को व्यवस्थित डेटा प्राप्त करना है जिसका उपयोग निर्णय लेने के लिए होता है।

कम्प्यूटर सिस्टम (Computer System):- यह उपकरणों का एक समूह है जो एक साथ मिलकर डेटा प्रोसेसिंग में होता है

1. इनपुट यूनिट (Input Unit):- इकाई जो यूजर से डेटा प्राप्त कर सेन्ट्रल प्रोसेसिंग यूनिट को इलेक्ट्रॉनिक पल्स के रूप में प्रवाहित करता है।

जैसे – ऑटोमेटिक टेलर मशीन (ATM) ।

2. सेन्ट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (CPU):- इसे प्रोसेसर भी कहते है। यह एक इलेक्ट्रॉनिक चिप है जो डेटा को इन्फॉर्मेशन में बदलते हुए प्रोसेस करता है। इसे कम्प्यूटर का ब्रेन कहा जाता है।

(a) अर्थमेटिक लॉजिक यूनिट (Arithmetic Logic Unit ALU) :- इसका उपयोग अंकगणितीय तथा तार्किक गणना में होता है।

(b) कंट्रोल यूनिट ( Control Unit) :- यह कम्प्यूटर के सारे कार्यों को नियंत्रित करता है, तथा कम्प्यूटर के सारे भागों जैसे इनपुट, आउटपुट डिवाइस, प्रोसेसर इत्यादि के सारे गतिविधियों के बीच तालमेल बैठता है।

(c) मेमोरी यूनिट ( Memory Unit) यह डेटा तथा निर्देशों के संग्रह करने में प्रयुक्त होता है।

इसे मुख्यतः दो वर्गो प्राइमरी तथा सेकेंडरी मेमोरी में विभाजित करते है।

3. आउटपुट यूनिट (Output Unit) :- इकाई जो सेन्ट्रल प्रोसेसिंग यूनिट से डेटा लेकर उसे यूजर को समझने योग्य बनाता है।

कम्प्यूटर पीढ़ी (Computer Generation):-(कंप्यूटर परिचय)

1. प्रथम पीढ़ी के कम्प्यूटर:-

1951-1958 यूनिवैक I पहला व्यावसायिक कम्प्यूटर था। इस मशीन का विकास फौज और वैज्ञानिक उपयोग के लिए किया गया था।

इसमें निर्वात ट्यूब का प्रयोग किया था। ये आकार में बड़े और अधिक ऊष्मा उत्पन्न करने वाले थे।

इसमें सारे निर्देश तथा सूचना 0 तथा 1 के रूप में कम्प्यूटर में संग्रहित होते थे संग्रहण के लिए पंच कार्ड का उपयोग किया गया था। जैसे – यूनिक , यूनिक तथा मार्क I इसके उदाहरण है।

2. दूसरी पीढ़ी के कम्प्यूटर :-

1959-1964 इस पीढ़ी के कम्पयूटर मे निर्वात ट्यूब की जगह हल्के छोटे ट्रांजिस्टर को प्रयोग किया गया।

कम्प्यूटर में आँकड़ो को निरूपित किरने के लिए मैग्नेटिक कोर का उपयोग किया गया।

तीसरी पीढ़ी के कम्प्यूटर :-

1965-1970 तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर ट्रांजिस्टर के जगह इंटीग्रेटेड सर्किट (Integrated Circuit – I.C.) का प्रयोग शुरू हुआ जिसका विकास जे.एस. किल्वी ने किया

आरम्भ में LSI ( Large Scale Integration) का प्रयोग किया गया।

RAM (Random Access Memory) के प्रयोग होने से मैग्नेटिक टेप तथा डिस्क के संग्रहण क्षमता में वृद्धि हुइ।

4. चौथी पीढ़ी :-

1970-1989 चौथी पीढ़ी के कम्प्यूटर में ISIIC के जगह VLSI ( Very large scale integration) IC का प्रयोग आरम्भ हुआ जिसमें एक चिप में लगभग लाखों चीजों को संग्रहित किया जा सकता था।

VLSI तकनीक के उपयोग से माइक्रोप्रोसेसर का निर्माण हुआ। जिससे कम्प्यूटर के आकार में कमी और क्षमता में वृद्धि हुई।

मैग्नेटिक डिस्क तथा टेप के स्थान पर सेमी कंडक्टर मेमोरी का उपयोग होने लगा। रैम (RAM) की क्षमता में वृद्धि से समय की बचत हुई और कार्य अत्यंत तीव्र गति से होने लगा।

इस दौरान GUI (Graphical User Interface) के विकास से कम्प्यूटर का उपयोग करना और सरल हो गया। MS-DOS. MS- Windows तथा Apple ऑपरेटिंग सिस्टम तथा भाषा का विकास हुआ।

5. पांचवी पीढ़ी के कम्प्यूटर पांचवी पीढ़ी के :-

1989-अब तक कम्प्यूटर में VLSI के स्थान पर ULSI (ULtra large Scale Interation) का विकास हुआ और एक चिप द्वारा करोड़ो गणना करना संभव हो सका।

संग्रहण के लिए सीड़ी का विकास हुआ।


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