• April 15, 2021
COVID-19

कोविद-19 ‘अक्सर पूछे जाने वाले सवाल’

COVID-19 इस बीमारी की सूचना हमारे द्वारा विभिन्न विश्वसनीय संगठनों (जैसे – WHO , युनाइटेड स्टेट्स सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन, मेसाचुसेट्स स्टेट डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक हेल्थ, बोस्टन पब्लिक हेल्थ कमीशन और क्लेवलैंड क्लिनिक, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार आदि) की वेबसाइट से जुटाई है। इसमें से कुछ हिस्सा शब्दांश उसी तरह पेश किया गया है, जबकि कुछ जगहों पर इसे नए सिरे से लिखा गया है। इन सूचनाओं को एकत्रित करने के लिए हम इन संगठनों के कठिन परिश्रम का आभार प्रकट करते हैं।

COVID-19
COVID-19

डब्लूएचओ: विश्व स्वास्थ्य संगठन

यह कोविड-19: एक ऐसी नई बीमारी है, जो कोरोना वायरस (सार्स-कोव-2) की वजह से होती है व फैलती हैं जिसे इंसान में पहले कभी नहीं देखा गया था। कोरोना वायरस के बहुतसे प्रकार होते हैं और इनमें वह भी शामिल हैं जो साधारणतः ऊपरी श्वसनतंत्र ( साइनस, नाक की नली, जल आदि जाने की नलिका और कंठ) में हल्की बीमारी पैदा करता है। ‘COVID-19’ में ‘CO’ है कोरोना के लिए, ‘VI’ है वायरस के लिए, ‘D’ है डिजीज या रोग के लिए और ‘19’ है 2019 वर्ष के लिए।

कोविड-19 कैसे फैलता है?

COVID-19 किसी भी व्यक्ति को उन लोगों से हो सकता है जिनमें इस वायरस का संक्रमण पहले से है। जब कोविड-19 से संक्रमित व्यक्ति खांसता, छीकता है या सांस छोड़ता है तो उसके नाक या मुंह से निकली छोटी बूंदों से यह रोग दूसरे में फैल सकता है। ये बेहद नन्ही बूंदें उस व्यक्ति के आस-पास की दूसरी चीजों और सतहों पर भी गिर सकती है। दूसरा व्यक्ति उस सामान या सतह के संपर्क में आने के बाद अपने मुंह, नाक या आंख को छूने से भी कोविड-19 से संक्रमित हो सकता है। लोग संक्रमित व्यक्ति के खांसने या सांस छोड़ने से निकली बूंदों को सांस के जरिए अंदर लेने से भी संक्रमित हो सकते हैं। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि बीमार व्यक्ति से 3-6 फीट या 1-2 मीटर दूर रहा जाए।

कोविड-19 के लक्षण क्या हैं?

कोविड 19 के प्रमुख लक्षण बुखार का आना , खांसी चलना और सांस लेने में प्रॉब्लम होना है। रोगी को थकान, बदन दर्द और नाक जाम होना, गले में खराश और उल्टी-दस्त का होना भी हो सकती है; हालांकि कुछ लोग जो इससे संक्रमित हो जाते हैं, उनको कोई भी लक्षण नहीं होते। इससे संक्रमित होने वाले अधिकांश लोगों को किसी विशेष इलाज की जरूरत नहीं होती। लेकिन कुछ लोग बेहद गंभीर रूप से बीमार हो जाते हैं और उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगती है।

अगर लगता है कि मैं बीमार हो गया हूं तो मुझे क्या करना चाहिए?

अगर आपको लगता है कोविड 19 के संक्रमण के दायरे में आ गए हैं और बुखार या कफ और सांस लेने में परेशानी जैसे दूसरे लक्षण पैदा हो रहे हैं तो निजी डॉक्टर से परामर्श लें। अगर आपको उपरोक्त लक्षणों से ग्रस्त हैं तो आप घर पर ही रहें और दूसरों से जहां तक संम्भव हो सके दूरी बनाए रखें। बहुत से लोग घर पर ही ठीक हो जाते हैं; लेकिन अगर आपको लगे कि स्थित ज्यादा खराब हो रही है तो अवश्य उपयुक्त इलाज हासिल करें। अगर आप किसी डॉक्टर के पास या अस्पताल जाते हैं तो पहले ही बता दें कि आपको कोविड-19 हो सकता है ताकि स्वास्थ्य सेवा देने वाले खुद को सुरक्षित रख सकें।

कोविड-19 क्या उस व्यक्ति से हो सकता है जिसे कोई लक्षण नहीं हैं?

अधिकतर यह बीमारी लोगों द्वारा तभी फैलती हैं जब उनके लक्षण दिष्टिगोचर होने लगते हैं, यानी वे बीमार हो चुके होते हैं। क्योंकि इस बीमारी के फैलने का सबसे प्रमुख माध्यम खांसने या छींकने से निकली बूंदें हैं। हालांकि यह संभव है कि कुछ मामलों में लक्षण सामने आने से पहले भी संक्रमण फैले। इसलिए जिन लोगों में लक्षण नहीं हैं, उनके साथ भी एक तय शारीरिक दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है।

इस बीमारी COVID-19 से गंभीर जटिलता का खतरा किन-किन व्यक्तियों को है ?

COVID-19 से किसी भी उम्र के लोग संक्रमित हो सकते हैं, लेकिन कुछ व्यक्तियों को इस बीमारी से बहुत अधिक प्रभावित होने का खतरा होता है। इनमें ये शामिल हैं:

  • बुजुर्ग लोग
  • जिन लोगों को पहले से ही मधुमेह, हृदय रोग और फेफड़ों की गंभीर समस्या आदि हो

हालांकि इस का ये मतलब नहीं है कि अन्य व्यक्तियों को यह बीमारी नहीं होगी या उनमें इसकी रोग-प्रतिरोधी क्षमता होती है। सभी व्यक्ति को इसका खतरा है; किसी-किसी को ज्यादा है तो किसी-किसी को काम है।

सोशल डिस्टेंसिंग’ बनाए रखने का क्या मतलब है?

  • एक-दूसरे से दूरी पर रहें (3 से 6 फीट या 1 से 2 मीटर)।
  • सार्वजनिक विकल , रिक्शा या राइड शेयर वाली गाड़ियों का इस दौरान प्रयोग करने से बचें ।
  • भीड़-भाड़ वाली जगहों (जैसे- शॉपिंग मॉल , विद्यालयों , कार्यस्थल, सिनेमा घर और मंदिर, मस्जिद और चर्च जैसे धार्मिक स्थल) जाने से बचें।

कोविड-19 का खतरा कम करने के लिए मेरा परिवार क्या कदम उठा सकता है?

इस बीमारी को कम करने के लिए आप घर पर ही उपाय अपना सकते हैं और अपने घर के सभी लोगों को भी ऐसा करने के लिए कहें। ये कदम खास तौर पर वृद्ध और पहले से बीमार लोगों के लिए जरूरी हैं:

  • बीमार लोगों से नजदीकी संपर्क से बचें।
  • अगर आप बीमार हैं तो इलाज करवाने के अलावा घर पर ही रहें।
  • खांसी करते समय या छींकते समय कोहनी के अंदरूनी हिस्से से मुंह को ढकें या टिशू पेपर का उपयोग कर उसे डस्टबीन में फेकें। इसके बाद अपने हाथ धोएं।
  • अपने हाथ को किसी भी साबुन या पानी से अच्छी तरह बार-बार धोएं, मुख्य रूप से नाक को साफ करने के बाद, खांसने या छींकने के बाद, शौचालय के प्रयोग के बाद तथा भोजन बनाने या खाना खाने के पहले।
  • अगर साबुन और पानी उपलब्ध नहीं हों तो आप अल्कोहल आधारित हैंड सेनेटाइजर का उपयोग कर सकते हैं, जिसमें कम से कम 60% अल्कोहल हो। हाथ अगर गंदे दिख रहे हैं तो अवश्य उसे साबुन और पानी से धोएं।
  • जिन सतहों को लोग बार-बार छूते हैं, उनको साफ और कीटाणुमुक्त करें (जैसे फोन, दूसरे एलेक्ट्रॉनिक सामान, टेबल, काउंटर, बिजली उपकरणों के स्विच, दरवाजे के हैंडल और आल्मारियों के हैंडल)

क्या कोविड-भोजन के द्वारा भी फैल सकता है क्या?

सामान्य रूप में कोरोना वायरस एक व्यक्ति की संक्रमित बूंदों के दूसरे व्यक्ति के स्वसन तंत्र में पहुंचने से ही फैलता है। अब तक खाने-पीने के सामान से कोरोना वायरस फैलने के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं। खाना तैयार करने या खाने से पहले सामान्य खाद्य सुरक्षा के लिहाज से भी हमेशा साबुन और पानी से 20 सेकेंड तक हाथ धोना बहुत जरूरी है। नाक साफ करने, खांसने, छींकने या शौचालय का उपयोग करने के बाद अपने हाथ को धोना बहुत जरूरी है।

यह संभावना है कि किसी व्यक्ति ने ऐसे वस्तु या सतह को छूआ हो जहां यह वायरस हो और फिर उसने अपने मुंह, नाक या आंख को स्पर्श किया हो तो उसे COVID-19 हो जाए, लेकिन इसे इस वायरस के फैलने का मुख्य तरीका नहीं माना गया है।

आमतौर पर , कोविड 19 को किसी सतह/फर्श पर लंबे समय तक जीवित रहना मुश्किल होता है, इसलिए खाने-पीने की चीजों या ऐसे पैकेट जिन्हें कई दिन अथवा सप्ताह पहले रूम तापमान या नियंत्रित तापमान अथवा जमा देने वाले तापमान पर भेजा गया हो उनसे कोविड-19 होने का खतरा बहुत कम है।

जिन क्षेत्र में COVID-19 फैला हो, वहां से कोई पैकेट प्राप्त करना सुरक्षित है?

हां। इस बात की आशंका बहुत कम है कि कोविड-19 से संक्रमित व्यक्ति किसी पैकेट की सामग्री को संक्रमित कर देगा। चूंकि ये पैकेट विभिन्न परिस्थितियों और तापमान में लाए जाते हैं तो इस बात की भी आशंका बहुत कम है कि पैकेट के बाहरी हिस्से से लोगों को कोविड-19 हो जाए। हालांकि सलाह दी जाती है कि किसी दूसरे के हाथ से आए हुए किसी भी सामान को छूने के बाद आप अपने हाथ को साबुन और पानी से 20 सेकेंड तक धो लें।

क्या ऐसा व्यक्ति जिसे कोरोना-19 के लिए क्वेरैंटाइन किया गया हैइस बीमारी को फैला सकता है?

क्वेरैंटाइन का मतलब है संक्रामक बीमारी की जद में आ चुके लेकिन अब तक लक्षण विकसित नहीं हुए किसी व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह को ऐसे लोगों से अलग रखना, जो इस वायरस की जद में नहीं आए हैं। क्वेरैंटाइन का उद्देश्य इस बीमारी को रोकना है। किसी व्यक्ति को कोविड-19 जैसे वायरस के संपर्क में आने के 14 दिन के अंदर ही लक्षण विकसित हो जाते हैं। इसलिए जिन लोगों के वायरस के संपर्क में आने का डर है, उन्हें 14 दिन के लिए अलग रखना जरूरी होता है। इस अवधि के दौरान वे अलग नहीं रहे तो बीमारी को दूसरों में भी फैला सकते हैं। क्वेरैंटाइन की अवधि के बाद माना जाता है कि उनसे इस बीमारी के फैलाने का डर नहीं है।

COVID-19 का कोई टीका, दवा या इलाज है?

भारत के द्वारा इस बीमारी का टीका बनाया जा चुका है और भारत के द्वारा विभिन्न देशों में इसकी की सप्लाई की जा रही है तथा भारत के 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगो को टीका लगाने की प्राथमिक प्राथमिकता दी जा रही है |


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AJAY BAIRWA
AJAY BAIRWA
3 months ago

Good Information 👍

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3 months ago

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